अनूप धीमान
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने मंगलवार को राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला का दौरा कर महाविद्यालय के स्टाफ तथा प्रशिक्षुओं के साथ बैठक की।बैठक के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक गतिविधियों, अधोसंरचना, रोगियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. विजय चौधरी ने सांसद अनुराग शर्मा का स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन द्वारा संस्थान की वर्तमान स्थिति, चल रहे विकास कार्यों, आवश्यकताओं तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा रोगियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया।
बैठक के उपरांत अनुराग शर्मा ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया तथा विभिन्न विभागों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा प्रशिक्षुओं से भी संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आश्वस्त किया कि महाविद्यालय के समग्र विकास एवं शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला प्रदेश का एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक संस्थान है तथा इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा महाविद्यालय का दौरा करवाने का प्रयास किए जाएंगे ताकि संस्थान की आवश्यकताओं एवं विकास योजनाओं पर व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पपरोला स्थित इस संस्थान को भविष्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में भी गंभीर प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक प्रस्तावों एवं विकास योजनाओं को संबंधित स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा जिससे प्रदेश सहित देशभर के विद्यार्थियों एवं रोगियों को इसका लाभ मिल सके।
इस अवसर पर एस डी एम बैजनाथ संकल्प गौतम, राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला के प्रधानाचार्य विजय चौधरी सहित, प्राध्यापकगण, शोधकर्ता तथा प्रशिक्षुओं सहित रोगी कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।











