अनूप धीमान
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को सीटू एवं इंटक द्वारा पालमपुर में उपमंडलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विशाल संयुक्त प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व पालमपुर बस अड्डा चौक से सयुंक्त कार्यलय परिसर तक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों, किसानों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व इंटक जिला कांगड़ा अध्यक्ष संजय सैनी एवं सीटू के जिला प्रधान केवल कुमार ने किया।
रैली में मिड डे मील वर्कर, निर्माण मजदूर, मनरेगा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, एलआईसी कर्मचारी, महिला मंडलों, किसान सभा से जुड़े किसान तथा विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, श्रमिक अधिकारों में कटौती, अस्थायीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा के अभाव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के उपरांत उपमंडलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में चारों श्रम संहिताओं को निरस्त कर पूर्ववर्ती श्रम कानून बहाल करने, न्यूनतम मजदूरी ₹30,000 प्रतिमाह निर्धारित करने, स्कीम वर्करों को नियमित करने, मनरेगा में 200 दिन रोजगार सुनिश्चित करने, निर्माण मजदूरों के कल्याण बोर्ड की योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू करने तथा किसानों को कानूनी रूप से गारंटीकृत MSP देने, किसानों की बेदखली और बुलडोजर नीति पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल प्रभाब से बंद करने की मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त बेरोजगार युवाओं के लिए राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू करने, सरकारी रिक्त पदों को शीघ्र भरने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजदूर-किसान वर्ग की इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।












