अनूप धीमान
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कांगड़ा के सचिव अशोक कटोच ने कहा कि एक ओर सीमेंट की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, वहीं अब सरिया की कीमतों में ₹500 प्रति क्विंटल की वृद्धि ने हालात को और गंभीर बना दिया है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए घर बनाना या मरम्मत कराना अब लगभग असंभव होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सीमेंट और सरिया जैसी आवश्यक निर्माण सामग्री की कीमतों में इस तरह की मनमानी बढ़ोतरी से मजदूरों, छोटे ठेकेदारों, किसानों और मध्यम वर्ग पर सीधा असर पड़ रहा है। यह बढ़ोतरी विकास कार्यों को भी प्रभावित करेगी। सीमेंट और स्टील कंपनियाँ मुनाफाखोरी में लिप्त हैं और केंद्र व राज्य सरकारें इन पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं।
सीपीआई(एम) जिला कांगड़ा मांग करती है कि सीमेंट व सरिया की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सख्त सरकारी नियंत्रण लगाया जाए तथा मुनाफाखोर कंपनियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। यदि सरकार ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो पार्टी जनआंदोलन तेज करने को मजबूर होगी।








