औपचारिकताएं पूर्ण करने हेतु सेना दिवस पर शहीद परिवारों से मिले पूर्व विधायक प्रवीन कुमार , बेटे की शहादत के गम से मां की चली गई जुबान को देखकर हुए भावुक

अनूप धीमान

यह सर्वविदित है कि समाज सेवा में समर्पित इन्साफ संस्था अपने अथक प्रयासों एवं वन विभाग व लोक निर्माण विभाग के सहयोग से पालमपुर हल्के के उन रणबांकुरों के नाम नेचर पार्क , वन विहार व वन वाटिका ( स्मारक ) बनाने जा रही है। जिन्होंने मातृ भूमि की रक्षा करते करते अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया । ऐसे बीर सपूतों की शहादत , सर्वोच्च बलिदान व कुर्बानी को हमेशा हमेशा के लिए जिन्दा रखने हेतु संस्था सर्वप्रथम भारतीय सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोम नाथ शर्मा जी के पैतृक गाँव डाढ में दूसरे अमर शहीद परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम वत्तरा जी की यादगार में विन्द्रावन व अन्य चार शहीदों के स्मारकों का निर्माण कार्य लाहला स्थित बाबा अनन्त राम परिसर में निर्माणाधीन है। इसी विषय को लेकर योल स्थित सैन्य छावनी में मेजर जनरल अनिल चन्देल जी के साथ संस्था के प्रतिनिधियों की हुई बैठक में कुछ औपचारिकताएं पूर्ण करने हेतु इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार व उपाध्यक्ष चौधरी चुनी लाल शहीद परिवारों से मिले । सर्वप्रथम 1962 में भारत – चीन युद्ध में ग्रांम पंचायत हन्गलो से शहीद हुए सिपाही परस राम चौधरी के सुपुत्र सुवे मेजर अमर सिंह , 1971 में भारत – पाक युद्ध में ग्रांम पंचायत बगोडा स्थित लटवाला से शहीद हुए सिपाही पून्नु राम धीमान के भाई अम्बी चन्द , 1971 में ही भारत – पाक युद्ध में शहीद हुए सिपाही रोशन लाल चौहान के सुपुत्र इंजीनियर जगदीश चन्द चौहान ग्रांम पंचायत लाहला व 1999 में भारत- पाक कारगिल युद्ध में ग्रांम पंचायत दराटी स्थित लम्बा पट्ट से शहीद हुए लैस नायक राकेश कपूर की माता छेलो देवी से मिलकर तमाम औपचारिकताएं पूरी की । शहीद परिवारों के साथ इस तरह की अलग अलग मुलाकात में जहां परिजनों ने इन्साफ संस्था द्वारा निस्वार्थ भावना एवं अनूठे अन्दाज से किये जा रहे इन कार्यों के लिए आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया वही कहा ये स्मारक भावी युवा पीढ़ी के लिए भी मातृ भूमि एवं राष्ट्र भक्ति की भावना का अलख जगाने के प्रतीक होंगे । कुल मिलाकर इन्साफ संस्था के अध्यक्ष एवं पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार शहीद लैस नायक राकेश कपूर की माता छेलो देवी की व्यथा , वेदना एवं पीड़ा को देखकर बेहद भावुक हो गये । जव उन्हे बताया कि बेटे की शहादत के गम से इनकी जुवान चली गई । जो भी आता है उसको निहारती रहती है। शहादत के थोड़े समय के बाद ही शहीद की पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी । अव मां की देखभाल शहीद की भाभी विमला व भाई की ही बहू शवनम करती है। जबकि शहीद के बडे भाई शिवी चन्द का भी देहान्त हो चुका है। मां – मां होती है नतीजन पुत्र वियोग में अव मां चलने फिरने में भी बिलकुल असमर्थ हो चुकी हैं। यही दोनों बहु व पोत्र बहु इन्हें गोद में उठा कर विस्तर पर लेटाती व कुर्सी में बिठाती है।

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Author: Khabar Himachal

इन्साफ संस्था के अथक प्रयासों एवं प्रस्तावना पर शहीदों के नाम बनाए जा रहे नेचर पार्क , स्मारक वन विहार एवं वन वाटिकाओं को लेकर मेजर जनरल अनिल चन्देल जी से पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने की विस्तृत चर्चा